दतला नदी पुनर्जीवन: पाँच वर्षों की सामुदायिक यात्रा और तकनीकी सशक्तिकरण की दिशा

विगत पाँच वर्षों (2020 से) से दतला नदी के पुनर्जीवन की दिशा में निरंतर और समग्र प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल को सामाजिक आधार और सामुदायिक स्वामित्व देने के उद्देश्य से नदी एवं भूमि संरक्षण समिति का गठन किया गया, जिसमें प्रत्येक गाँव से 10 महिलाएं और 10 पुरुष शामिल किए गए। इन समितियों का नेतृत्व महिलाओं को सौंपा गया, जिससे स्थानीय महिला शक्ति की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित हो सके

हालांकि प्रारंभिक चरण में महिलाओं की सहभागिता सीमित रही, लेकिन नियंत्रण एवं निगरानी की भूमिकाओं में उन्होंने असाधारण नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। बीते वर्षों में यह अनुभव सामने आया कि महिलाओं ने ग्राम की रेत और जल स्रोतों पर नियंत्रण स्थापित करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। अनियंत्रित रेत खनन और जल दोहन की प्रवृत्तियों को रोकने में उनकी सक्रिय भूमिका रही, जिससे ग्रामसभा की निर्णय प्रक्रिया और नदी पर उसका नियंत्रण मजबूत हुआ

नदी पर ग्रामसभा का नियंत्रण केवल वैधानिक न रहकर व्यवहार में भी प्रभावी रहे इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विषय-विशेषज्ञों से विमर्श कर दस दिवसीय प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया गया है। इस पाठ्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागी न केवल नदी संरक्षण की तकनीकी समझ और व्यवहारिक कौशल प्राप्त करेंगे, बल्कि यह प्रशिक्षण स्थानीय आजीविका को भी सशक्त करेगा