• धीरे-धीरे पानी धरती से बाहर जाए, उसे वापस जमा (रिचार्ज) करने की कल्पना विकसित करना।
  • बसुंधरा मॉडल के माध्यम से गाँवों को जल-सुरक्षित बनाना।
  • सरकारी सहायता के बजाय वैज्ञानिक श्रम और नेतृत्व को प्राथमिकता।