नदी पुनर्जीवन जरूरी क्यों
इस साल संयुक्त राष्ट्र की पर्यावरण दिवस पर थीम थी अवर लैंड अवर फ्यूचर वी आर जेनरेशन रेसटोरेशन यानी हमारी धरती हमारा भविष्य और हम पुनर्स्थापित करने वाली पीढ़ी है इस स्लोगन का उद्देश्य धरती को दोबारा इस स्थिति पर वापस लाने यानी उसे रिस्टोर करने उसे बंजार सूखाग्रस्त होने से बचाने और हमारे स्थितिकी तंत्र को बचाने पर फोकस करना है धरती के रेस्टोरेशन पर ध्यान इसलिए है क्योंकि उन की रिपोर्ट बताती है कि इस ग्रह की 40% जमीन बंजर हो चुकी है यह सीधे तौर पर दुनिया की आधी आबादी पर असर डाल रहा है और मोटे तौर पर वैश्विक जीडीपी के आधे याने 44 ट्रिलियन डॉलर पर खतरा पैदा हो रहा है साल 2000 के सुखे के मामले में 29% बढ़ गई है |
तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो साल 2050 तक सुखा दुनिया की तीन चौथाई आबादी पर असर डाल सकता है महिलाओं गरीबों पर इसका ज्यादा असर होगा |
संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव का कहना है जलवायु परिवर्तन के नर्क से निकलने का रास्ता बनाने की आवश्यकता है भारत में इसरो ने देश के मरुस्थलीकरण और भौमिक चरण का मानचित्र तैयार किया है इसमें 2018-19 में पाया गया कि देश के 228.272 मिलियन हेक्टेयर पर 97.86 मिलियन हेक्टेयर यानी देश का 29.7 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र इस चरण का शिकार हो चुका है विश्लेषण से यह पता चलता है कि चरण का शिकार हुई इस भूमि में आधे से ज्यादा या तो वर्षा आधारित खेत है या वन भूमि यह खाद्य सुरक्षा या जलवायु परिवर्तन के निपटने के लिए शुभ संकेत संकेत नहीं है |
vवर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के अनुसार 1997 से भारत के सूखाग्रस्त इलाके 57% बढ़ गए हैं और 2012 से बारिश भी पचासी प्रतिशत बढ़ गई है क्योंकि यह दोनों चीज साथ-साथ हो रही हैं ऐसे में देश में एक हिस्से में सूखा पड़ता है तो दूसरे हिस्से में बाढ़ आती है सरकार वनीकरण हरियाली और भूमि बहाली को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है |
v नगर वन योजना राष्ट्रीय घाटी परियोजना हरित राष्ट्रीय हरित भारत भर में इसी प्रकार की अन्य योजनाएं इसके भाग हैं |
v भारत ने साल 2015 के इस अभियान में साथ चलने की प्रतिबद्धता दिखाई हे और पेरिस समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं अब बात लोगों की धरती के असली रखवाले हम इंसान हैं जब तक हम चाहे शहरी हो या ग्रामीण हो अपने-अपने स्तर पर इन प्रयासों का हिस्सा नहीं बनते तब तक हम इन संकट से बाहर नहीं आने वाले हे |
v लोग छोटे-छोटे कदम उठाएं पानी बचाएं घर का पानी घर पर रोके गांव का पानी गांव मे पहाड़ का पानी पहाड़ पर, नदी को भी नदी बने रहने दे, आदि यह सभी कदम मिलाकर धरती को वापस उसी स्थिति में लाने की वैश्विक मुहीम में योगदान देंगे तब हम हम वास्तव में जेनरेशन रेस्टोरेशन का काम की दिशा में बढ़ेंगे